श्लोक
  • कर्मण्येवाधिकारस्ते मा फलेषु कदाचन | परित्राणाय साधूनां विनाशाय च दुष्कृताम्: | सर्वधर्मान्परित्यज्य मामेकं शरणं व्रज: | नैनं छिद्रन्ति शस्त्राणि नैनं दहति पावकः | विद्यां ददाति विनयं,विनयाद् याति पात्रताम् । पात्रत्वात् धनमाप्नोति,धनात् धर्मं ततः सुखम् ॥ सत्यं वद । धर्मं चर । स्वाध्यायान्मा प्रमदः । जननी जन्मभूमिश्च स्वर्गादपि गरीयसी

केसरी दल

एक राष्ट्र, हिंदू राष्ट्र – इसी सिद्धांत और संकल्प के साथ केसरिया ध्वज के नीचे केसरी दल भारत के सांस्कृतिक पुनर्जागरण का नेतृत्व कर रहा है।

 

यह केवल एक नारा नहीं, बल्कि उस महान भारत की पुकार है जिसने सदियों तक पूरी दुनिया को धर्म, नीति, अध्यात्म और मानवता का मार्ग दिखाया। आज जब वैश्विक परिदृश्य बदल रहा है, तब भारत को अपने मूल—सनातन संस्कृति—से जोड़ने का संकल्प केसरी दल दृढ़ता से निभा रहा है।

केसरी दल की स्थापना सुप्रीम कोर्ट ऑफ इंडिया के प्रतिष्ठित अधिवक्ता श्री धर्मेंद्र शर्मा जी द्वारा राष्ट्र के हित, सुरक्षा, सामाजिक समरसता और सांस्कृतिक स्वाभिमान को सर्वोपरि रखते हुए की गई। उनका मानना है कि जब तक समाज अपनी परंपराओं और धर्ममूल्यों से जुड़ा नहीं रहता, तब तक राष्ट्र मजबूत नहीं हो सकता। इसी उद्देश्य से उन्होंने केसरी दल के रूप में एक ऐसे संगठन की नींव रखी जो भारत को पुनः गौरवशाली हिंदू राष्ट्र के रूप में विकसित करने की दिशा में तेज गति से कार्य कर रहा है।

संगठन का स्पष्ट उद्देश्य भारत में ऐसी व्यवस्था, ऐसा वातावरण और ऐसा सामाजिक ढांचा तैयार करना है जहाँ सनातनी विचार, परंपराएँ, संस्कृति और सभ्यता राष्ट्र के केंद्र में हों।
भारत केवल एक भूभाग नहीं—यह एक महान विचार, एक दिव्य चेतना और करोड़ों हिंदुओं की आस्थाओं का देश है। केसरी दल उसी चेतना को पुनर्जीवित करने का कार्य कर रहा है।

सभी जातियाँ, सभी वर्ग – एक सूत्र में बंधा हुआ राष्ट्रवाद

केसरी दल की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि यह किसी जाति, वर्ग, भाषा या क्षेत्र तक सीमित नहीं है।
हम भारत के प्रत्येक नागरिक—
ब्राह्मण, क्षत्रिय, वैश्य, शूद्र, अनुसूचित जाति, जनजाति और सभी हिंदू समुदायों—को एक सूत्र में पिरोने का कार्य कर रहे हैं।

हमारा विश्वास है कि हिंदू समाज की एकता ही भारत की सबसे बड़ी शक्ति है।
जब समाज संगठित होता है, तभी राष्ट्र विकसित होता है।

इसीलिए केसरी दल का प्रमुख संकल्प है—

✔️ प्रत्येक हिंदू को जोड़ना
✔️ समाज को एकजुट करना
✔️ राष्ट्रवाद की भावना को सशक्त बनाना
✔️ समरसता और समानता का वातावरण बनाना

संतों एवं महान विभूतियों का आशीर्वाद – हमारी शक्ति

केसरी दल को देशभर के महान संतों, मठाधीशों, अखाड़ों के महापुरुषों, साधुओं और सम्मानित सामाजिक-पॉलिटिकल व्यक्तित्वों का निरंतर आशीर्वाद प्राप्त है।
यही आध्यात्मिक ऊर्जा और मार्गदर्शन संगठन को सही दिशा देने का कार्य करते हैं।

संत समाज हमेशा से भारत की आत्मा रहा है।
उनकी प्रेरणा से ही केसरी दल—

• युवा शक्ति
• महिला शक्ति
• धर्मावलंबियों
• समाज सेवकों
• राष्ट्रभक्तों को संगठित कर रहा है।

हमारा लक्ष्य केवल शक्ति संग्रह करना नहीं, बल्कि उस शक्ति को राष्ट्र निर्माण और सनातन धर्म की रक्षा में लगाना है।

हमारा व्यापक मिशन

केसरी दल का मिशन केवल संगठन बनना नहीं, बल्कि सनातन भारत के सपने को साकार करना है।
हम कार्य कर रहे हैं—

  •  सभी सनातनी हिंदुओं को एक मंच पर लाने के लिए
  •  हिंदू समाज को वैचारिक रूप से जाग्रत करने के लिए
  •  धर्म, संस्कृति और परंपराओं की रक्षा के लिए
  •  मंदिरों, तीर्थस्थलों और धार्मिक विरासतों के संरक्षण के लिए
  •  राष्ट्र की अखंडता, सुरक्षा और गौरव के लिए
  •  सामाजिक समरसता और भाईचारे के विस्तार के लिए

केसरी दल मानता है कि एकजुट हिंदू समाज ही एक मजबूत, सुरक्षित और सांस्कृतिक रूप से संपन्न भारत की नींव है।

आइए, इस राष्ट्रधर्म यात्रा का हिस्सा बनें

आज समय है कि हम सब मिलकर उस भारत के निर्माण में योगदान दें जिसकी परिकल्पना हमारे ऋषियों, संतों और पूर्वजों ने की थी।
आइए—
एक राष्ट्र, हिंदू राष्ट्र के संकल्प को साकार करने के लिए हाथ से हाथ मिलाएँ, कदम से कदम मिलाएँ।

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